शेयर बाजार और समाधि: ओशो की किताब से एक सीख

 

शेयर बाजार और समाधि: ओशो की किताब से एक सीख

आचार्य रजनीश ओशो की किताब "संभोग से समाधि की ओर" के बारे में तो लगभग सभी ने सुना होगा। लेकिन आज के जमाने में, जहाँ घर के हर सदस्य के हाथ में एक-एक मोबाइल है, और लोग आधी रात के बाद भी मोबाइल पर उंगलियाँ चलाते रहते हैं — जरा मेट्रो में एक सफर कर लीजिए, बस इतना ही काफी है समझने के लिए — तो भला "संभोग" से "समाधि" की ओर कोई कैसे जा सकता है?

मोबाइल ने लोगों को अपनों से दूर कर दिया है, और इससे मानसिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी दूसरी बड़ी वजह है फाइनेंस यानी वित्तीय स्थिति। आप चाहे नौकरी करते हों, बिज़नेस चलाते हों, कोई बड़ा उद्योग संभालते हों, या घर की गृहिणी हों — हर इंसान किसी न किसी तरह, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, शेयर बाजार से जुड़ा हुआ है।

आपकी रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेल की कीमत बढ़ती है, तो उसका असर शेयर बाजार पर दिखता है। घर में रखे सोने की कीमत बढ़ती है, तो उसका असर भी बाजार पर पड़ता है। पेट्रोल का दाम हो या IT सेक्टर की हलचल — इन सबके छींटे किसी न किसी रूप में बाजार तक पहुँचते ही हैं।

90% लोग नुकसान क्यों झेलते हैं?

जैसा कि आप जानते हैं, शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले करीब 90% लोग नुकसान झेलते हैं। और ऐसी स्थिति में "समाधि" जैसी बात करना थोड़ा अटपटा ज़रूर लगता है। लेकिन समाधि चाहे किसी भी रूप में हो, उसका रास्ता अनुशासन और समझ से होकर ही गुजरता है।

पुराने समय के वैद्य और आज के डॉक्टर भी हाथ की नाड़ी छूकर बता देते हैं कि शरीर में क्या गड़बड़ है। ठीक वैसे ही, अगर आपने शेयर बाजार की "नाड़ी" पकड़ना सीख लिया, तो आपकी ग्रोथ में जरूर सुधार आ सकता है। जिस तरह शरीर में नाड़ियाँ होती हैं, उसी तरह बाजार में भी हलचल की अपनी नाड़ियाँ होती हैं — बस हमें उन्हें पहचानना सीखना पड़ता है।

मेरी फेवरेट नाड़ी: 8 और 13 का EMA

मेरी सबसे पसंदीदा "नाड़ी" है 8 और 13 का EMA, जिसे मैं इंट्राडे और स्कैल्पिंग के नज़रिए से इस्तेमाल करता हूँ। मेरे उद्देश्य के लिए यह काफी है। आप चाहे जो भी लगाएँ — EMA हो या SMA — यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है।

लेकिन सिर्फ EMA या SMA लगा लेना ही काफी नहीं है। बाकी सारे पहलुओं को भी देखना पड़ता है — बाजार की दिशा किस तरफ है, इन सब बातों का ध्यान रखते हुए ही हमें एक्शन लेना पड़ता है।

अनुशासन ही असली सूत्र है

आप अपने हिसाब से जो भी SMA या EMA वाली "नाड़ी" चुन लें, उस पर काम करना शुरू कर दें। बाजार के सभी नियमों का पालन करते हुए कारोबार करें, पूरे अनुशासन के साथ, स्टॉपलॉस के साथ — तो फिर आपको प्रॉफिटेबल होने से कोई नहीं रोक सकता।

जब आप प्रॉफिटेबल होंगे, तो मन की शांति अपने आप आएगी। और जब मन की शांति आएगी, तभी ओशो की किताब "संभोग से समाधि की ओर" का असली रास्ता आपको थोड़ा-थोड़ा दिखाई देने लगेगा।

जब आपका मन, आपका शरीर, और शेयर बाजार — तीनों आपस में तालमेल बिठा लेंगे, तभी प्रॉफिट बनना शुरू होगा। और तभी कहीं जाकर आप समाधि की ओर बढ़ पाएंगे।


उम्मीद है आज का यह सूत्र आपको पसंद आया होगा। ओशो की इस बात से आप कितना सहमत हैं, मुझे कमेंट में जरूर बताइएगा। 


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