क्या बड़े नेता मार्केट को फॉलो करते हैं या मार्केट उन्हें फॉलो करता हैं ?
क्या बड़े नेता मार्केट को फॉलो करते हैं या मार्केट उन्हें?
क्या मोदी और योगी जैसे बड़े-बड़े नेता मार्केट को फॉलो करते हैं या कहीं मार्केट ही उन्हें फॉलो तो नहीं करता?
क्योंकि दोनों में एक चीज़ कॉमन है—वो है पॉज लेना।
मोदी और योगी जैसे बड़े-बड़े नेता अपने भाषण के दौरान थोड़ा पॉज लेते हुए, थोड़ा ठहराव लेते हुए आगे बढ़ते हैं। ठीक उसी तरह मार्केट में यदि मार्केट बुलिश हो या बेरिश हो, दोनों साइड में अपना करेक्शन दिखाते हुए मार्केट आगे बढ़ता है।
मार्केट में पॉज क्यों जरूरी है?
यदि ऐसा नहीं है, यदि मार्केट पॉज नहीं ले रहा है, तो समझ जाएँ कुछ तो गड़बड़ है।
ठीक उसी तरह जिस तरह रास्ते पर कोई गाड़ी सिग्नल को तोड़ते हुए आगे निकल जाती है, तो ट्रैफिक पुलिस उसको सख्त निगाह से देखता है। हमें भी मार्केट को उसी नजरिये से देखना चाहिए।
यदि मार्केट में लगातार कैंडल गिरिन बन रहा हो या लगातार मार्केट नीचे जा रहा हो और कोई पॉज नहीं दिखा रहा हो, तो समझ जाओ कुछ तो गड़बड़ है।
पॉज लेना कमजोरी नहीं, मजबूती है
यहाँ पर पॉज लेना कोई बुरी बात नहीं है, बल्कि पॉज लेना एक मजबूती है।
ठहराव एक मजबूती है। वो एक ग्रोथ का इशारा है।
यदि आप अपने जीवन में ग्रोथ चाहते हैं, तो पॉज तो लेना पड़ेगा।
हर एक इंसान की क्वालिटी होती है, एक अलग पहचान होती है। हर एक इंसान सेम नहीं होता।
आपने ट्रेडिंग के लिए बहुत सारी चीजों को सीखा होगा, बहुत सारी चीजों को जाना होगा। लेकिन मैंने जो 6-7 सालों में अनुभव किया है, जो महसूस किया है, जो उसकी धड़कनों को समझा है, वो शायद आपने नहीं समझा होगा।
अपनी स्ट्रेटेजी पर काम कीजिए
मैं आपकी ज्ञान की कद्र करता हूँ। इसलिए कहता हूँ कि आप दूसरों को कॉपी करना बंद कीजिए और अपनी स्ट्रेटेजी पर काम कीजिए। वो बेहतर रिजल्ट दे सकता है।
यदि कोई पॉज ले रहा है, तो इसका मतलब ये नहीं कि वो कमजोर है। इसका मतलब वो उन्नति पर है।
जीवन में भी पॉज जरूरी है
आपको जीवन में यदि आगे बढ़ना है, पॉज तो लेना पड़ेगा।
उम्मीद है, आज का KeySootraआपको मिल गया होगा।
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